वायुसेना प्रशिक्षण दल

उड़ान भरने का प्रशिक्षण


सैनिकी विमानन का निर्माण

     अकादमी की विशाल संपदा के उत्तरी कोने में बसा है ‘ग्लाइडर-डोम ‘वायुसेना प्रशिक्षण दल (ए एफ टी टी) सभी गतिविधियों का समाधान पाइंट है। टीम की उत्पत्ति अधिक जागरूक और बेहतर प्रशिक्षित एयर क्रू के लिए है। शुरुवात से एक सु स्ट्रिप और विंच लॉन्वड ग्लाइडर्स, टीम के लिए एक लंबा रास्ता तय किया है और आज एक पक्का 950 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है।

     ए एफ टी टी परिसर का निर्माण 1954 में शुरू हुआ और अक्टूबर 1956 में स्क्वाड्रन लीडर डी जी किंगली (प्रथम कार्यप्रभारी अधिकारी) (ओआईसी) द्वारा कार्य प्रभार स्वीकार किया गया था। हैंगर,प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षकों के कमरे और ग्लाइडर ड्रोम 1957 तक पूरा कर लिया गया।टीम का वर्तमान आवास आधुनिक और कम्प्यूटर सक्षम कक्ष, पी सी आधारित उड़ान सिम्यूलेटर ,पक्का रनवे, एयर ट्राफिक कंट्रोल, एयर क्राफ्ट के लिए सर्विसिंग की सुविधा तथा अन्य प्रशासनिक सुविधाओं के साथ है।


उड़ने को तैयार
     वायुसेना के केडेट छटे सत्र का प्रशिक्षण आरंभ करने से पूर्व पांचवे सत्र में उनकी उड़ान प्रशिक्षण के लिए विमानन संबंधी विषयों को ए एफ टी टी के सहयोग से सीखना शुरू करते हैं। प्रशिक्षण टीम का उद्देश्य नवोदित युवा योद्धाओं को विमानन और उड्डयन से संबन्धित सभी पहलुओं से उन्हें परिचित कराना हैं।

     टीम ने 14 सितम्बर, 1957 की सेडबर्ग टी 21 बी के साथ प्रशिक्षण आरंभ किया। ऐतिहासिक उड़ान स्क्वाड्रन लीडर डी जी कींगले तथा फ्लाइट लेफ़्टिनेट जी सिंह द्वारा भरी गई। सफलता के बाद टीम में ईआन बेबी (प्रथम उड़ान 19 नवम्बर 1957), ईआन ओलंपिया (प्रथम उड़ान 06 फरवरी 1960) रोहिणी (प्रथम उड़ान 14 मई 1968) तथा अर्धरा (प्रथम उड़ान 08 अक्टूबर 1986) को उड़ाने भरीं। सितम्बर 2000 से, आस्ट्रियाई निर्मित सुपर डिमोना दो सीटों की उड़ाने भरी । टीम के पास ऐसे ग्यारह सेलप्लेन हैं।


उड़ान भरता हुआ सुपर डिमोना
     यह सुपर डिमोना का प्रयोग छठे सत्र के वायुसेना के केडेटों को उड़ान के लिए किया जाता है । भारतीय वायुसेना की यूनिटों में/उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों में प्रचलित लोकाचार सभी पहलुओं में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाता हैं। प्रशिक्षार्थियों को 13 उड़ाने पाठ्यक्रमनुसार भरनी होती है। सुपर डिमोना विमान और सिम्यूलेटर का उपयोग वायुसेना अकादमी में अपने केडेटों को सक्षम बनाने के लिए किया जाता है।

     वायुसेना के केडेटों के लिए ग्राउंड पाठ्यक्रम विशेष सेना प्रशिक्षण में पर्याप्त वृद्धि के साथ संशोधित किया गया है। एन डी ए में केडेटों को अंतिम वर्ष में सेना विशिष्ट सेना प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है । इन विषयों में दिए गए प्रशिक्षण से स्नातक में योगदान प्राप्त होता है। उड़ान भरने से पहले नवोदितों को मशीन का अच्छी तरह से परिचय दिया जाता है। इससे उन्हें विमान प्रणालियों के कामकाज के लिए दृष्टि प्राप्त होती है।

     एन डी ए के ‘संयुक्ति ‘ लोकाचार के अनुरूप, ए एफ टी टी भारतीय वायुसेना के विभिन्न स्थापनों में वायु सेना के साथ ही थल सेना तथा नौसेना के केडेटों के दौरे का आयोजन करती है। इन यात्राओं के द्वारा वायुसेना के केडेटों को उनके भावी सेनाओं के लिए दृष्टि प्रदान करते हैं, यह अन्य दो सेनाओं से भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को उनके समकक्ष रखती हैं।

     एयर ट्राफिक कंट्रोल सुविधा आधुनिक कॉम्प्लेक्स है जिसमें रेडियो टेलीफोनी सिम्यूलेटरर्स तथा एरो स्पोर्ट्स क्लब रूम शामिल हैं। मौसम से संबन्धित जानकारी के लिए स्वचालित स्टेशन है।

आशुरचना – इलेक्ट्रिक टोइंग ट्रैक्टर

     इलेक्ट्रोनिक कार भारत में निर्मित किया गया है और दुनिया भर के विभिन्न देशों को निर्यात किया गया, जिसका इस्तेमाल ए एफ टी टी द्वारा सुपर डिमोना को ‘टो‘ करने के लिए,किया जाता है।

ए॰एफ॰टी॰टी॰ का रिकार्ड

ग्लाइडर के प्रकार क्रू (दिनांक) अवधि ऊँचाई

सेडबर्ग टी 21 बी

फ्लाइट लेफ़्टिनेट जी सिंह, केडेट नायर (17 मार्च 58) 2:40 घंटे 11,500 फीट, ग्लाइडर की अधिकतम ऊँचाई

ईआन ओलंपिया

फ्लाइट लेफ़्टिनेट मोहसिंहों (29 मार्च 61)

5:35 घंटे 9,000 फीट, अधिकतम उड़ान अवधि
ईआन बेबी

फ्लाइट लेफ़्टिनेट भाटिया (06 मार्च 68)

2:25 घंटे ईआन बेबी द्वारा अधिकतम अवधि

सेडबर्ग टी 21 बी

फ्लाइट लेफ़्टिनेट भाटिया,
केडेट जौहर ( 08 मार्च 68)

3:27 घंटे सेडबर्ग टी 21 बी द्वारा अधिकतम अवधि
अर्धरा स्क्वाड्रन लीडर  के ए कुमार,
स्क्वाड्रन लीडर  के के सिंह
1 घंटा अर्धरा द्वारा अधिकतम अवधि


अर्जन प्रोत्साहन सभागार
     अर्जन प्रोत्साहन सभागार ए एफ टी टी की शोभा मे चार चाँद लगा रहा है| इस प्रोत्साहन सभागार का निर्माण आई ए एफ के पुराने एवं नए ए सी, आदेशों का इतिहास, भारतीय वायुसेना पर आधारित फिल्म, विविध गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्राप्त स्मृति-चिन्ह का प्रदर्शन करने के लिए किया गया है| स्केल मोडेल पिलाटस पी सी 7 एम के II जिसमें ए एफ ए में I स्तर प्रशिक्षण के लिए केडेटों से उड़ान भरने की अपेक्षा है, उसे प्रोत्साहन सभागार के प्रवेश द्वार पर रखा गया है|

 

 

 


एच पी टी – 32 सिम्युलेटर के साथ वास्तविक प्रशिक्षण केंद्र
     भारत में निर्मित केवल इलेक्ट्रिक कार (रेवा) दुनिया भर विभिन्न देशों में निर्यात की जाती है , उसका अच्छा उपयोग ए एफ टी टी द्वारा सुपर डिमोना को हैंगर से अंदर एवं बाहर टो करने के लिए किया जाता है|

 

 

 

 

 


नए सुपर डिमोना ग्लाइडर
     दिसंबर 2013 में शामिल हुए पाँच नए सुपर डिमोना एयरक्राफ्ट के लिए नए हैंगर का निर्माण किया जा रहा है| ए एफ टी टी में आधारिक संरचना में सुधार का कार्य प्रक्रिया में है| रन वे वर्तमान परिमाण 50’x3000’ एलएस बढ़ाकर 100’ चौड़ा एवं 4500’ विस्तारित किया जा रहा है| नए कक्ष, चेंजिंग रूम तथा विवरण कक्ष का निर्माण किया जा रहा रहा है जबकि, केडेटों के लिए प्रशिक्षण के दौरान आराम करने, जलपान करने के लिए विश्रांतिका है|

     इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि ऐसे व्यावसायिक प्रशिक्षण से पूरी भरी हुई थैली के साथ भूतपूर्व- एन डी ए केडेट प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक करियर के अनुवर्ती चरण में चमके|



वायुसेना प्रशिक्षण दल , एन डी ए में विमान चालक का घोंसला
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