स्मरण-कुटीर


ऐसा न हो कि हम भूल जाये
     

   स्मरण कुटीर उन शहीदों का स्मारक है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए खुद को न्योच्छावर कर दिया। यह सभी केडटों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा की आध्यात्मिक जगह है। सुंदर पहाड़ी ढ़लान पर स्थित सुदान ब्लॉक के पश्चिम में स्मरण कुटीर जनवरी 1956 तथा मई 1957 के बीच केडेटों द्वारा बनाया गया था। 1992 में स्मरण कुटीर के आस पास बगीचों का निर्माण शांति एवं मंदिर की प्रेरणादायक अनुभूति के लिए किया गया था।

   इस श्रद्धामय जगह पर पास आउट होने वाले केडेट तथा अकादमी के अधिकारी उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने एवं भगवान का आशीष लेने के लिए एकत्रित होते हैं।


खामोश स्तवन
    हे दयालु परमात्मा ! हम सच्चे मन से यह प्रार्थना करते हैं कि हममें से अब तक जो युद्ध की कसौटी पर कसे नहीं गए हैं, उन्हें इस योग्य बनाएँ कि आवश्यकता पड़ने पर वे अपने उन सशस्त्र सैनिक सहयोगियों जैसी निष्ठा, साहस तथा संकल्प के साथ देश की  सेवा करें, जिनका स्मरण हम आज इस  स्मरण –कुटीर में कर रहे हैं।

   उनका महान उदाहरण हमारे सारे कार्यों का मार्गदर्शन करे तथा हमें इस योग्य बनाए कि हम ईमानदारी में,उनकी बराबरी कर सकें। घोर संकट की घड़ियों में वह हमारी सहायता करें ताकि हम अपनी कमियों और दुर्बलताओं पर विजय पाने में उनसे प्रेरणा ले सकें।

 

 
 
 
 
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