खेत्रपाल परेड मैदान

अनुशासन की घड़ियाँ

     एन डी ए परेड मैदान मनोज पाण्डेय ब्लाक के सामने फैला हुआ है।परेड मैदान को यह पृष्ठभूमि क्यू एम दुर्ग द्वारा प्रदान की गई है। अग्रभाग के क्वार्टर डेक केडेटों के कठोर औपचारिक ड्रिल तथा अन्य परिश्रमों पर लगातार निगरानी रखते हुये दिखाई देते हैं।

     यह ड्रिल स्क्वेयर 450X150 मीटर है। अंतर सेनाओं के पहचान चिन्ह , इस लंबाई और चौड़ाई परेड मैदान में स्पष्ट हैं । प्रवेशद्वार पर तथा चारों कोनों पर गन और टी-55 टैंक, विशाल क्वार्टर डेक मस्तूल (99 ‘6 ¾ ऊँची) और दो विमान तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करते दिखाई देते हैं।

     ड्रिल अनुशासन का आधार है। दंडपाल का सफ़ेद चार्जर अधिकार एवं अनुशासन का प्रतीक है। पासिंग आउट परेड में गंभीर तथा भावपूर्ण धीमी गति से ’आल्ड लैंग सिने आर्केस्ट्रेट’ पर मार्च सम्पन्न होता है। 1971 में बस्तर के युद्ध में कार्रवाई के दौरान सेकण्ड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल (38 कोर्स आफ स्क्वाड्रन) को मरणोपरांत बहादुरी के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया उनकी स्मृति में ‘’खेतरपाल परेड मैदान” का नाम दिया गया।


खेत्रपाल परेड मैदान का ऊपर से दृश्य
 
 
 
 
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