नौसेना प्रशिक्षण दल


आचरण अधिकार प्राप्त करने के लिए
     प्रशिक्षण हमेशा विकसित एवं सतत प्रक्रिया है। यह कहा गया है कि शांति स्थान में जितना प्रशिक्षण प्राप्त करोगे , उतना ही युद्ध में कम खून बहेगा ।भविष्य में संघर्ष के समय, जहाँ अधिक शिक्षित,सभी गुण सम्पन्न, अकादमिक दृष्टि से स्थिर तथा तकनीकी समझ रखनेवाला सेना अधिकारी होगा, वह उतना कुशल होगा| नौसेना प्रशिक्षण दल (एन टी टी ) सशस्त्र बलों के लिए गुणवत्ता सामग्री का निर्माण करने के क्रम में मानक स्थापित करने में विश्वास रखती है। एन टी टी लगातार विशेष सेना प्रशिक्षण के माध्यम से नौसेना में एन डी ए के केडेटों को भविष्य के करियर के लिए तैयार करने का प्रयास करती है। एन टी टी, रचनात्मकता का विकास, प्रस्तुतीकरण कौशल में सुधार, वाटेरमैनशिप के लिए स्वभाव और समकालीन सैन्य विषयों और नौसैनिक अभियानों को अध्ययन के माध्यम से केडेटों के बीच अनुसंधान उन्मुख पढ़ाई को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास करती है।

     उक्त उद्देश्यों के अनुसरण में ,ए टी टी ने नेविगेशन ,सामान्य सिमैनशिप तथा संचार पर पाँचवे तथा छठे सत्र के नौसेना केडेटों के लिए बुनियादी नींव रखी है। टीम उन्हें नाविक के रूप में परिणत करने के लिए यथा संभव समुद्री वातावरण प्रदान करती है। प्रशिक्षण कक्ष में व्यावहारिक निर्देशों तथा एन टी टी में तथा वॉटरमैनशिप प्रशिक्षण सेंटर (डब्ल्यू टी सी) पीकॉक बे पर सैद्धांतिक निर्देशों में भी प्रदान किया जाता है। केडेटों में व्यावसायिक पढ़ने की आदतों को पैदा करने की दृष्टि सें उन्हें नौसेना पर समीक्षा की किताब तथा प्रस्तुतीकरण के साथ सैन्य अध्ययन को प्रस्तुत करने का काम सौंपा जाता है। किताब की समीक्षा के अतिरिक्त, नौसेना डी एस के मार्गदर्शन में छठे सत्र के नौसेना केडेटों को सैन्य तथा नौसेना युद्ध अभियानों पर एक सिडिंकेट प्रस्तुति भी दी जानी होती है।


बोर्ड फ्लीट पर कर्मचारियों का स्थानांतरण
     एन टी टी में सेना प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसके लिए, उत्कृष्ट और गुणवत्ता विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। विभिन्न अन्य साधन जैसे कि, कम्प्यूटर एडेट पैकेजेस नेविगेशनल सिम्युलेटर, चार्ट ट्राइनर, यंत्रीकृत श्रम के बचत उपकरण तथा विभिन्न अन्य कार्य और स्टैटिक माइल व्यावहारिक सीमाओं को रखते हुए प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रशिक्षकों के मददगार साबित हुए है। एन टी टी , इस प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने में कार्यरत है।

     पीकॉक बे में वॉटरमैनशिप प्रशिक्षण क्लब्स सम्पूर्ण वर्ष पानी की गतिविधियों में ही होती हैं। इन क्लबों का उद्देश्य यह है कि केडेटों में साहस की भावना पैदा करना तथा पानी के खेल की मूल बातों से उन्हें परिचित कराना है। सचमुच, मुथा नदी नक्काशीदार, पीकॉक बे द्वारा सुविधा का अधिकतम इस्तेमाल और एन डी ए की मुकुट में सुंदरता से बनी हुई है। 1955 से केडेटों ने नौकायन कौशल को बनाए रखा है। एशिया में किसी भी अन्य सैलिंग क्लब की तुलना में यह सैलिंग क्लब सबसे बड़ी होने का दावा करती है।

     इसमें विविध राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, अंतर सेवा और क्लब स्टार नौकायन रेगट्टा भी है। एन डी ए ने कई अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के नौचालक प्रस्तुत किए है जिन्होंने राष्ट्र का नाम रोशन किया है,उनके नाम हैं- कमांडर मोंगिया, कैप्टन मोतीवाला, ले॰ कमांडर नारपोर, ले॰ आशिम मोंगिया, कैप्टन पी के गर्ग और कमांडर महेश । संयोग से, उन सभी को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। क्लब नौकायन और केडेटों में नेविगेशन की बुनियादी बारीकियों का परिचय तथा केडेटों को ऊँचे स्तर तक पहुँचने के लिए मदद करती है। एन डी ए के पीकॉक बे में नौकायन, कायाकिंग, विंडसर्फिंग और वॉटर स्कीइंग क्लब गतिविधियों में सक्रिय रूप से होता है।

     एन डी ए केडेटों को प्रतियोगी रेस में, सक्षम बनाने के लिए, एन टी टी द्वारा सम्पूर्ण वर्ष कई सैलिंग रिगट्टाओं का आयोजन किया जाता है। ट्राइंगुलर सैलिंग रिगट्टा पारंपरिक एन डी ए के प्रतिद्वंदी, भारतीय नौसेना अकादमी (एन ई सी) केडेटों के बीच एक ऐसे ही स्पर्धा है जिसका आयोजन बारी बारी से क्रमश: एन डी ए और नौसेना अकादमी में किया जाता है। थिमय्या कप की शुरुआत 1959 में स्वर्गीय जनरल के एस थिमय्या , डी एस ओ ने की, तब से, यह नियमित रूप से एन डी ए सैलिंग क्लब के तत्वावधान में खड़कवासला झील में इसका आयोजन किया जाता है। राष्ट्रीय नौकायन चैम्पयनशिप एन डी ए में आयोजित करने का विचार 1980 के दशक में रखा गया। इस राष्ट्रीय चैम्पयनशिप ने इस खेल की लोकप्रियता को बढ़ाने और देश के युवाओं के बीच इस खेल की रुचि बढ़ाने की दिशा में काफी योगदान दिया है।

     एक समग्र (बहुमुखी) व्यक्तित्व की सशस्त्र बलों में आवश्यकता यह समय की मांग है। तेजी से बदल रही प्रोद्योगिकी के साथ तालमेल रखने के लिए, जो भावी युद्ध के मैदान में सफलता प्राप्त करने के लिए जरूरी है। नौसेना प्रशिक्षण दल नौसेना के लिए सबसे अच्छा उत्पाद उपलब्ध कराने के प्रयास में है, जो इस त्रिसेना प्रशिक्षण स्थापनाओं की शान है।

टी एस रोनी परेरा


प्रशिक्षण जहाज़ रोनी परेरा
     प्रशिक्षण पों रॉनि पेरीइरा एक छोटा माडल है जो नौसेना केडेटों को समुद्री जीवन का अनुभव प्राप्त कराने के लिए बनाया गया है । एक पुल, एक ऑपरेशन कक्ष, हेलो डेक के साथ भावी नौसेना अधिकारियों को समुद्री वातावरण प्रदान करने के लिए डिकमिशन जहाजों जैसे वास्तविक बनाया गया है। इसका उद्घाटन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के समादेशक द्वारा 16 जनवरी 2006 को किया गया और स्वर्गीय एडमिरल आर एल पेरेरा जो एन डी ए के उप समादेशक के रूप में कार्यरत थे एवं बाद में नौसेना प्रमुख रहे उनके सम्मान में इसका नाम ‘ प्रशिक्षण पोन रॉनि पेरेरा ‘रखा गया।

 


खड़कवासला झील पर क्लास नौका
ऊपर जाये
 
 
 
 
  Army Navy Air Force
 
   
 

विक्रेता पंजीकरण प्रपत्र

 

  पहला पृष्ठ | विजन एंड मिशन | काल्पनिक यात्रा | टेंडर्स | सूचना अधिकार | आंतरिक शिकायत समिति | साइट मैप

 

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी द्वारा डिजाइन एवं विकसित किया गया। एन आई सी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) द्वारा साइट होस्ट की गई।
कॉपीराइट 2015 राष्ट्रीय रक्षा अकादमी सभी अधिकार सुरक्षित।