एन डी ए में प्रशिक्षण के सामान्य पहलू
     राष्ट्रीय रक्षा अकादमी अद्वितीय संयुक्त प्रशिक्षण संस्थान है तथा भारतीय सशस्त्र बलों और मित्र विदेशी राष्ट्रों की सशस्त्र सेनाओं के लिए कनिष्ठ लीडरों का निर्माण करने का प्रमुख केंद्र है। यहाँ का प्रशिक्षण, पारंपरिक, गैर पारंपरिक तरीके से भविष्य के संघर्षपूर्ण विषम परिस्थितियों में विजय प्राप्त करने के लिए, सैनिकों को युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए, आवश्यक मानसिक, नैतिक तथा भौतिक विशेषताओं पर जोर देता है।

     उनको साइंस (विज्ञान),प्रोद्योगिकी,कला और सैन्य विषयों में गहन शिक्षा दी जाती है| तीन साल के कोर्स के अंत में जो छह सत्रों में विभाजित हैं, केडेटों को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री से सम्मानित किया जाता है। केडेटों को भारी उच्च प्रोद्योगिकी के युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए बौद्धिक रूप से तैयार किया जाता है।इसमें शारीरिक अनुकूलन के लिए ड्रिल, तैराकी, घुड़सवारी और खेल गतिविधियाँ भी शामिल है । अकादमी में तीन वर्षों में, केडेट एक अधिकारी और सज्जन में तब्दील हो जाता है।



     तीन वर्ष के सफल पाठ्यक्रम समापन पर थलसेना के केडेट भारतीय सैन्य अकादमी दैहरादून और नौसेना के केडेट भारतीय नौसेना अकादमी एझिमाला तथा वायु – सेना के केडेट भारतीय वायुसेना अकादमी में अतिरिक्त प्रशिक्षण के लिए जाते हैं। सबंधित अकादमी में एक वर्ष के प्रशिक्षण उपरांत वे संबन्धित सेनाओं के कमीशन अधिकारी बन जाते हैं।

 

 
 
 
 
  Army Navy Air Force
 
   
 

विक्रेता पंजीकरण प्रपत्र

 

  पहला पृष्ठ | विजन एंड मिशन | काल्पनिक यात्रा | टेंडर्स | सूचना अधिकार | आंतरिक शिकायत समिति | साइट मैप

 

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी द्वारा डिजाइन एवं विकसित किया गया। एन आई सी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) द्वारा साइट होस्ट की गई।
कॉपीराइट 2015 राष्ट्रीय रक्षा अकादमी सभी अधिकार सुरक्षित।